Explainer : इस्लाम-LGBT की कट्टर विरोधी हैं इटली की नई PM, जानें कैसे एकाएक जीत गईं चुनाव

हाइलाइट्स

मेलोनी के गठबंधन ने अप्रत्याशित रूप से 44 प्रतिशत वोट हासिल कर बड़ी जीत हासिल की
मेलोनी को इतालवी सीनेट के बहुमत के आंकड़ों से कहीं अधिक 114 सीटें प्राप्त हुई हैं
इतालवी तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी की प्रशसंक रही हैं इटली की नई PM जियोर्जिया मेलोनी

रोम. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान फासीवादी तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी के पतन के बाद से, फार राइट पार्टी ‘ब्रदर्स ऑफ इटली’ (Brothers of Italy) की संस्थापक जियोर्जिया मेलोनी, इटली की पहली महिला नेता और दशकों बाद पहली कट्टर रूढ़िवादी नेता होंगी. तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी (Benito Mussolini) के जाने के बाद ऐसा कभी नहीं लगा था कि इटली फिर कभी किसी फार राइट पार्टी को सत्ता पर बिठाएगा. हालांकि आम चुनावों में लगभग 26 प्रतिशत वोट हासिल करने वाली मेलोनी अन्य दक्षिणपंथी दलों के साथ मिलकर अब सरकार बनाने जा रही हैं. तो ऐसा क्या हुआ कि तानाशाह को भुलाते हुए इटली ने एक बार फिर उनकी जैसी छवि वाली एक नेता को देश की गद्दी पर बैठा दिया?

किशोरावस्था में बनी थीं रूढ़िवादी
15 साल की उम्र में ही बदनाम फासीवादी तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी के समर्थकों द्वारा बनाए गए इतालवी सामाजिक आंदोलन (MSI) में शामिल होने के बाद से मेलोनी ने खुद को कट्टर दक्षिणपंथी नेता के रूप में दिखाना शुरू कर दिया था. 1990 के दशक के मध्य में, MSI नेशनल एलायंस (AN) नामक एक नए दल का एक हिस्सा बन गया और बाद में MSI का पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी, जो कि अभी मेलोनी के राइट विंग के गठबंधन का हिस्सा है, द्वारा बनाए गए एक मुख्यधारा के रूढ़िवादी समूह के साथ विलय कर दिया गया. अपनी रूढ़िवादी सोच के चलते सॉफ्ट होते बर्लुस्कोनी के रुख को देखते हुए 2012 में, मेलोनी और AN के अन्य सदस्यों ने मिलकर अपनी नई पार्टी ‘ब्रदर्स ऑफ इटली’ का गठन किया. अपनी पार्टी की तुलना अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी और ब्रिटेन की कंजरवेटिव पार्टी से करने वाली मेलोनी को अक्सर देशभक्ति और पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देने वाला नेता माना गया है.

इस स्पीच से चमकी
“मैं जॉर्जियन हूं, मैं एक महिला हूं, मैं एक मां हूं, मैं इतालवी हूं, मैं एक ईसाई हूं, और आप इसे नहीं ले सकते.” यही वो एक वाक्य था जिसने मेलोनी को लोगों के बीच बेहद पॉपुलर कर दिया. देश में मेलोनी के 2019 में उनके द्वारा दिए गए इस भाषण ने लोगों के बीच उनकी रूढ़िवादी राजनीति की मजबूत नींव रखी थी. LGBT समुदाय और इस्लाम के विरोध का बैनर लेकर चली मेलोनी धीरे-धीरे लोगों के बीच खुद पोस्टर गर्ल बन गईं. 30 जनवरी 2016 को एलजीबीटी अधिकार विरोधी प्रदर्शन में शामिल होकर उन्होंने एलजीबीटी समुदाय के खिलाफ खूब बयानबाजी की थी. मेलोनी को पारिवारिक व्यवस्था और कल्चर को बचाए रखने वाले नेता के रूप में भी देखा जाता है.

पिछली सरकार से दूर रहने का मिला फायदा
जियोर्जिया मेलोनी के सितारे बुलंदियों पर वर्ष 2018 से चढ़ने शुरू हुए थे जब उन्होंने पहली बार आम चुनावों में 4 फीसदी वोट हासिल किये थे. इस बार राइट विंग ग्रुप के गठबंधन की नेता बनकर उभरी मेलोनी ने माटेओ साल्विनी की धुर दक्षिणपंथी लीग और पूर्व पीएम सिल्वियो बर्लुस्कोनी की फोर्ज़ा इटालिया को साथ लेकर चुनाव लड़ा था जिन्होंने मिलकर अप्रत्याशित रूप से 44 प्रतिशत वोट हासिल कर एक बड़ी जीत हासिल की. चार साल पहले चार प्रतिशत से कुछ ऊपर वोट पाने वाली मेलोनी को इस वर्ष जुलाई में गिरने वाली राष्ट्रीय एकता सरकार से बाहर रहने का लाभ मिला है. गठबंधन में मेलोनी के अलावा अन्य दोनों पार्टियों का प्रदर्शन काफी हद तक नीचे गिरा है लेकिन मेलोनी के चढ़ते ग्राफ ने उन्हें वापस सत्ता में ला दिया. हालांकि इस बार देश की प्रधानमंत्री बर्लुस्कोनी की जगह जियोर्जिया मेलोनी बनने जा रही हैं. आपको बता दें कि मेलोनी को इतालवी सीनेट के बहुमत के आंकड़ों से कहीं अधिक 114 सीटें प्राप्त हुई हैं जो देश की राजनीति में उनकी पकड़ को मजबूत करेंगी.

चीन की हैं धुर विरोधी
मेलोनी अगस्त 2008 में चीन में हुए ओलंपिक्स का बहिष्कार करने की अपील भी कर चुकी हैं. मेलोनी अक्सर चीन की तिब्बत के खिलाफ चल रही नीतियों पर खुलकर बोलती हैं. हालांकि उनके इस बयान की बर्लुस्कोनी और साथ ही विदेश मामलों के मंत्री फ्रेंको फ्रैटिनी ने आलोचना की थी.

तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी की प्रशसंक 
1996 में फ्रांसीसी न्यूजकास्ट सोइर 3 को दिए एक साक्षात्कार में मेलोनी ने इतालवी तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी की एक अच्छे राजनेता के रूप में प्रशंसा की थी. जिसमें उन्होंने कहा कि मुसोलिनी ने जो कुछ भी किया, उन्होंने इटली के लिए किया. इंटरव्यू के कई सालों बाद मेलोनी ने अपने संगठन के झंडे में तानाशाह से जुड़े हुए ‘तिरंगे की लौ’ को जोड़ने का फैसला किया. आपको बता दें कि ‘तिरंगे की लौ’ मुसोलिनी के अवशेषों का प्रतिनिधित्व करती है, जहां प्रेडप्पियो में उनकी कब्र पर हमेशा एक दिया जलता रहता है.

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