Facebook ने तीन ऑस्ट्रेलियाई प्रकाशकों के साथ किया भुगतान समझौता

कॉन्सेप्ट इमेज.

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फेसबुक (Facebook) ने ऑस्ट्रेलिया (Australia) के तीन प्रकाशकों ‘प्राइवेट मीडिया’, ‘स्वाट्ज मीडिया’ और ‘सोलस्टिक मीडिया’ के साथ प्रारंभिक समझौता होने की घोषणा की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2021, 4:12 PM IST
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कैनबरा. फेसबुक (Facebook) ने शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया (Australia) के तीन प्रकाशकों के साथ प्रारंभिक समझौता होने की घोषणा की. इससे ठीक एक दिन पहले ऑस्ट्रेलिया की संसद ने वह कानून पारित कर दिया, जिसमें डिजिटल कंपनियों को खबरें दिखाने के एवज में भुगतान करने का प्रावधान है. फेसबुक ने कहा कि तीन स्वतंत्र समाचार संस्थानों ‘प्राइवेट मीडिया’, ‘स्वाट्ज मीडिया’ और ‘सोलस्टिक मीडिया’ के साथ आशय पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए हैं. फेसबुक ने एक बयान में कहा कि व्याणिज्यिक समझौते के संदर्भ में अगले 60 दिनों में पूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे.

बयान में कहा गया कि ये समझौते श्रेष्ठ पत्रकारिता की नई इबारत पेश करेंगे. इनमें से कुछ पहले की विषयवस्तु के लिए भुगतान भी शामिल हैं. वहीं, स्वाट्ज मीडिया की मुख्य कार्यकारी रेबेका कोस्टैलो ने कहा कि यह समझौता उनकी कंपनी को स्वतंत्र पत्रकारिता जारी रखने में मदद करेगी. कोस्टैलो ने फेसबुक बयान में कहा, ”ऑस्ट्रेलियाई प्रेस में बहुलतावादी आवाजों की आज जितनी जरूरत है, उतनी कभी नहीं रही.”

फेसबुक ने लगाया बैन
बता दें कि कुछ दिनों पहले ही ऑस्ट्रेलिया में फेसबुक ने अचानक से कई पेजों पर बैन लगा दिया जिससे कई आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हुई. फेसबुक ने ऐसे भी कई पेजों पर कुछ भी पोस्ट करने से बैन कर दिया जो लोगों को कोरोना वायरस, आग और चक्रवातों के बारे में आगाह करते थे. दरअसल फेसबुक ने मुख्य रुप से आम न्यूज वेबसाइट्स के साथ-साथ कई सरकारी पेजों और वेबसाइटों पर भी यह प्रतिबंध लगा दिया था. दरअसल ऑस्ट्रेलिया में डिजिटल कंपनियों को न्यूज दिखाने के लिए पैसा देने को लेकर बनाए गए कानून से खफा होकर फेसबुक ने वहां सभी समाचार पेजों को खबरें आदि पोस्ट करने पर बैन लगा दिया था. फेसबुक के इस बैन में सामाचार वेबसाइट के साथ-साथ कुछ सरकारी विभाग और सरकारी साइट्स भी शामिल थीं.
ये भी पढ़ें: गूगल और फेसबुक ने इस कानून को लेकर अपनी नाराजगी पहले ही जाहिर कर दी थी. गूगल ने कहा थी कि अगर यह कानून पारित किया जाता है, तो वह देश अपनी सेवाएं में बंद कर देगा. साथ ही फेसबुक ने भी कहा था कि अगर उसे भुगतान के लिए मजबूर किया जाता है, तो ऑस्ट्रलियाई प्रकाशकों को खबरें शेयर करने से रोक दिया जाएगा, जैसा कि फेसबुक ने बाद में कर दिया.