Flubot Malware के जरिए आपके पैसे उड़ा सकते हैं जालसाज! जानिए- क्या है ठगी का नया तरीका?

सिक्योरिटी फर्म ट्रेंड माइक्रो ने लगभग एक माह पहले खुलासा किया था कि फ्लूबॉट मालवेयर यूजर्स को मोबाइल ऑपरेटर जैसा दिखने के लिए डिजाइन की गई साइट पर पहले ले जाता है। फिर झांसा देकर वहां यूजर्स को नकली वॉइस मेल ऐप इंस्टॉल करने पर तैयार कर लेता है।

flubot malware, virus, tech news तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः unsplash)

सावधान! कुख्यात फ्लूबॉट मालवेयर (Flubot Malware) वापस आ गया है और हैकर्स ने एंड्रॉयड फोन को वायरस से संक्रमित करने के इसके जरिए नए तरीके खोज निकाले हैं। साइबर अपराधी इन दिनों मोबाइल यूजर्स को चेतावनी देते हुए मैसेज भेज रहे हैं कि उनका फोन खतरनाक मैलवेयर से संक्रमित हो गया है या उसे डेटा उल्लंघन का सामना करना पड़ा है। असल में यह मैसेज फेक (फर्जी) हैं। वे इसके बहाने से यूजर्स को वायरस के खिलाफ ऐक्शन लेने के लिए एक लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं, पर यह वास्तव में उनके उपकरणों पर मैलवेयर स्थापित करने के लिए है।

वैसे, पहले फ्लूबॉट मालवेयर का इस्तेमाल यूजर्स के पास एक लिंक के जरिए टेक्स्ट मैसेज भेजकर उनका वॉइसमेल सुनने के लिए किया जाता था, मगर अब वे लोगों को भ्रमित कर अपने जाल में फंसाने के लिए इसका यूज कर रहे हैं। इस तरह का आता है वॉर्निंग मैसेज:

सिक्योरिटी फर्म ट्रेंड माइक्रो ने लगभग एक माह पहले खुलासा किया था कि फ्लूबॉट मालवेयर यूजर्स को मोबाइल ऑपरेटर जैसा दिखने के लिए डिजाइन की गई साइट पर पहले ले जाता है। फिर झांसा देकर वहां यूजर्स को नकली वॉइस मेल ऐप इंस्टॉल करने पर तैयार कर लेता है। यूजर को झांसे में लाने के लिए एक लिंक भी भेजा जाता है, जिस पर क्लिक करते ही वॉनिंग मैसेज के साथ संदेश आता है कि उनकी डिवाइस खतरनाक फ्लूबॉट मालवेयर की चपेट में आ गई है।

आपको बता दें कि फ्लूबॉट एक किस्म का एंड्रॉयड मालवेयर है, जो किसी यूजर के स्मार्टफोन से फाइनैंशियल लॉगइन और पासवर्ड चोरी करने का काम करता है। साथ ही वह डिवाइस के मैसेज भी एक्सेस कर सकता है। मालवेयर अटैक ई-मेल, फाइल सर्वर, फाइल शेयरिंग सॉफ्टवेयर, पी2पी फाइल शेयरिंग आदि के जरिए किया जा सकता है।

मालवेयर (गड़बड़ या गलत इरादे वाला सॉफ्टवेयर) एक फाइल या कोड होता है, जो कि हमलावर के हिसाब से किसी यूजर के गैजेट को संक्रमित कर उसे एक्सेस करता है और उसका डेटा चुरा सकता है। ये कई वेरियंट्स में आता है। बॉटनेट्स, रैनसमवेयर, स्पाईवेयर, रूटकिट्स, ट्रोजन, वॉर्म, रैट (रिमोट एडमिनिस्ट्रेशन टूल्स) और पॉलिमॉर्फिक आदि मालवेयर के प्रकार के तहत आते हैं।