ICHR के अमृत महोत्सव के बैनर में गांधी-पटेल से लेकर सावरकर का फोटो, पर नेहरू नहीं; लोग बोले- ये काम सिर्फ छोटे दिल असुरक्षित सरकार ही कर सकती है

कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने लिखा कि मोदी जी को जितने साल PMO में नही हुए, उससे भी 2 साल ज्यादा देश को आजाद कराने पंडित नेहरू स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जेल में रहे उनकी विरासत तुम खाक मिटा पाओगे मोदी जी?

Mahatma Gandhi, Jawaharlal Nehru, BJP, Congress, Sardar Patel, Savarkar ICHR ने आजादी के अमृत महोत्सव के पोस्टर में जवाहरलाल नेहरु को जगह नहीं दी है (फोटो- http://ichr.ac.in/content/)

भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद की तरफ से आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर जारी एक पोस्टर पर विवाद शुरू हो गया है। इस पोस्टर में महात्मा गांधी, सरदार पटेल, सावरकर, भगत सिंह का फोटो लगाया गया है लेकिन जवाहरलाल नेहरू को जगह नहीं दी गयी है। जिसके बाद से सोशल मीडिया में लोग इसका विरोध कर रहे हैं।

जाने माने पत्रकार अभिसार शर्मा ने ट्वीट किया कि नेहरू का नाम हटा दिया ? ये काम सिर्फ एक छोटे दिल की, असुरक्षित सरकार कर सकती है। शर्म कीजिये। वहीं इतिहासकार एस इरफ़ान हबीब ने लिखा कि एक तुच्छ दिमाग इससे बेहतर कुछ भी नहीं कर सकता है। पत्रकार विनोद कापड़ी ने तंज करते हुए महात्मा गांधी हत्याकांड के दौरान चल रहे अदालती कार्रवाई की तस्वीर को शेयर कर पूछा कि अमृत महोत्सव में इनकी फोटो कब लग रही है?

कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने लिखा कि मोदी जी को जितने साल PMO में नही हुए, उससे भी 2 साल ज्यादा देश को आजाद कराने पंडित नेहरू स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जेल में रहे उनकी विरासत तुम खाक मिटा पाओगे मोदी जी? पवन खेड़ा ने लिखा कि नेहरू जी की फ़ोटो हटाने से क्या खुद का क़द बढ़ जाएगा? बौना, बौना ही रहेगा। अमरेंद्र यादव नाम के यूजर (@Amrendr98351294) ने लिखा कि आप दीवार के चित्रों को बदल कर इतिहास के तथ्यों को नहीं बदल सकते हैं।

इधर कांग्रेस नेता कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा को मिलने वाले चंदे में बढ़ोतरी से जुड़ी रिपोर्ट को लेकर शनिवार को सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधा और सवाल किया कि भाजपा की आय 50 प्रतिशत बढ़ गई, लेकिन क्या जनता की आमदनी बढ़ी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा की आय 50 प्रतिशत तक गढ़ गई। और आपकी?’’ कांग्रेस नेता ने जिस रिपोर्ट का हवाला दिया उसमें ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) के आकलन का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि साल 2019-20 में भाजपा की आय में 50 प्रतिशत तक इजाफा हुआ और इसमें सबसे बड़ा योगदान चुनावी बॉन्ड के जरिये मिले चंदे का रहा।