Ind vs Eng: रविचंद्रन अश्विन से डरी इंग्लैंड की टीम पिच से कर सकती है ‘छेड़छाड़,’ भारतीय कोच ने जताई आशंका

भरत अरुण ने कहा, ‘ओवल का मैदान स्पिनर्स का मददगार रहा है। हालांकि, आप भी जानते हैं कि इंग्लैंड की टीम अश्विन की काबिलियत से डरी हुई है कि यहां पिच से मदद मिलने पर वह क्या कर सकता है।’

इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैच की सीरीज के चौथे टेस्ट में भारतीय क्रिकेट टीम दो स्पिनर्स के साथ उतर सकती है। यदि ऐसा हुआ तो चौथे टेस्ट में रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन दोनों ही टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे। रविंद्र जडेजा भी फिट हो चुके हैं। लंदन स्थिन केनिंगटन ओवल की पिच का रिकॉर्ड देखें तो यह स्पिनर्स के लिए मददगार साबित होती रही है। हालांकि, आखिरी फैसला 2 सितंबर यानी चौथे टेस्ट की सुबह लिया जाएगा।

भारतीय क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने यह जानकारी दी है। उन्होंने यह भी बताया है कि इंग्लैंड के बल्लेबाज रविचंद्रन अश्विन से डरे हुए हैं। उनको यह भी आशंका है कि इसी डर की वजह से कहीं ओवल की पिच की प्रकृति में बदलाव ना कर दिया जाए। भरत अरुण ने कहा कि इंग्लैंड के बल्लेबाज मददगार पिच पर रविचंद्रन अश्विन की काबिलियत से डरे हुए हैं। हालांकि, इस सीनियर ऑफ स्पिनर के खेलने पर फैसला 2 सितंबर की सुबह ही लिया जाएगा।

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑफ स्पिनर्स में शुमार अश्विन पहले तीन टेस्ट में बाहर रहे हैं। उनकी जगह रविंद्र जडेजा को बल्लेबाजी हरफनमौला के रूप में तरजीह दी गई। अरुण ने कहा,‘अश्विन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में से हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह अभी तक खेल नहीं पाए हैं। अगर मौका बनता है और टीम की रणनीति के अनुकूल होता है तो दोनों साथ (रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन) में गेंदबाजी कर सकते हैं।’

अरुण ने यह भी संकेत दिए कि अश्विन का सामना करने से डरे हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों के कारण ओवल की पिच की प्रकृति में बदलाव किया जा सकता है। इंग्लैंड का मौसम भी अनिश्चित है। उन्होंने कहा, ‘ओवल का मैदान स्पिनर्स का मददगार रहा है। हालांकि, आप भी जानते हैं कि इंग्लैंड की टीम अश्विन की काबिलियत से डरी हुई है कि यहां पिच से मदद मिलने पर वह क्या कर सकता है।’

उन्होंने कहा, ‘इस बारे में फैसला कल सुबह पिच को देखने के बाद ही लिया जाएगा, क्योंकि आज से कल तक में बहुत कुछ हो सकता है। हम कल तय करेंगे कि वह खेलेंगे या नहीं।’ बॉलिंग कोच ने कहा कि उनके गेंदबाजों का आकलन इंग्लैंड के 400 रन से अधिक के स्कोर के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इतने वर्ष में वे कम स्कोर पर भी मैच बचाते आए हैं।

उन्होंने कहा, ‘कम स्कोर बचाना गेंदबाजों के लिए चुनौती होता है। वे अतीत में ऐसा करते आए हैं। एक पारी के प्रदर्शन के आधार पर उनका आकलन नहीं किया जाना चाहिए। आपको समझना होगा कि वे काफी प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेल रहे हैं।’