Indian Railway IRCTC: आग और धुएं से यात्रियों को बचाएंगे रेलवे के नए कोच, नहीं कम पड़ेगी ऑक्सीजन

भारतीय रेलवे लगातार यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए अपग्रेड कोच तैयार कर रहा है। ऐसे में अब आग लगने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अब नए स्मॉक डिटेक्टिंग सिस्टम वाले कोच तैयार किए जा रहे हैं।

रेलवे जल्दी ही कई और ट्रेनों में भी एसी थ्री टियर इकोनॉमी क्लास लगाने की योजना बना रही है। (फोटो – ट्विटर/ @RailMinIndia)

ट्रेन में आग लगने से होने वाली घटनाओं से सतर्कता बरतने के लिए भारतीय रेलवे अब ऐसे कोच का इस्तेमाल करने जा रहा है जो यात्रियों के लिए सुरक्षा दृष्टिकोण से बेहतर होंगे। बता दें कि ट्रेन कोच में आग की घटनाओं को रोकने के लिए अब रेलवे नए कोचों में स्मॉक डिटेक्टिंग सिस्टम का प्रयोग करेगा। इस तरह के कोच पंजाब के कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में तैयार किए जा रहे हैं। इन नए कोचों के अपडेटेड होने की वजह से यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर तरीके से हो सकेगी।

वहीं अगर इस तरह के सिस्टम की बात करें तो ये नए कोच यात्रियों को आग की लपटों और नुकसानदायक जहरीले धुएं से बचाने में मददगार साबित होगी। दरअसल आग लगने की वजह से कोच में जहरीला धुंआ इस तरह से फैलता है कि यात्रियों को सांस लेने में परेशानी होने लगती है। ऐसे में ऑक्सीजन की कमी से यात्रियों का दम घुटने लगता है। लेकिन तैयार किए जा रहे नए कोच में लगे स्मॉक डिटेक्टिंग सिस्टम इस तरह की स्थिति में यात्रियों को जान बचा सकेगा।

कैसे करेगा काम

स्मॉक डिटेक्टिंग सिस्टम कोच में आग लगने वाली घटनाओं के लिए सूचित करेगा। मान लीजिये कि ट्रेन में किसी तरीके से आग लग गई और उसका धुंआ कोचों में फैलने लगा, इसके गंभीर स्थिति तक पहुंचने से पहले ही स्मॉक डिटेक्टिंग सिस्टम के जरिए कोचों में लगे अलार्म बजने लगेंगे। जिसके बाद ट्रेन को सिग्नल लेकर रोका जाएगा। और फिर रेलवे कर्मचारियों द्वारा स्थिति को चेक किया जाएगा। बता दें कि जांच के बाद जब तक कर्मचारी ओके की रिपोर्ट नहीं देते हैं, तबतक ट्रेन को रवाना नहीं किया जा सकेगा।

यात्रियों को मिलेगा बचाव के लिए अधिक समय

वहीं पहले आग से जुड़ी गतिविधियों के होने पर, तुरंत ना तो रेलवे कर्मचारियों को पता चलता था और ना यात्रियों को, इससे सुरक्षा के उपाय सही समय पर नहीं हो पाते थे, जिससे दुर्घटनाएं होती थी। फिलहाल स्मॉक डिटेक्टिंग सिस्टम के जरिए आग से संबंधित दुर्घटनाओं को सही समय पर रोकने में मदद मिलेगी।

वहीं इन नए कोचों में खिड़कियों पर पॉली यूरीथिन फोम लगा होगा, जो बाहर से आने वाले जहरीले धुंए को रोकने में मददगार साबित होंगे। इसके आग की लपटे भी इसकी वजह से कम होंगी। इस तरह की स्थिति में यात्रियों को अपना बचाव करने में भी पर्याप्त समय मिल सकेगा। बता दें कि पॉली यूरीथिन फोम कोच में अंदर सीट पर भी लगी होगी, जिससे कोच के अंदर भी आग फैलने में अधिक समय लगेगा। बता दें कि इस तरह के पॉली यूरीथिन फोम युक्त कोचों को उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली समेत कई अलग-अलग रेल मंडलों में भेजा जा चुका है।