Indian Railways, IRCTC: डुप्लीकेट टिकट की मांग कब की जा सकती है? जानें तरीका

Indian Railways, IRCTC: रेलवे के मुताबिक इसके लिए स्टेशन मास्टर प्रति यात्री लिपिकीय प्रभार की अदायगी पर मूल टिकट के बदले एक डुप्लीकेट टिकट जारी कर सकता है।

कोरोना महामारी के कारण अभी सभी ट्रेनों का संचालन नहीं हो रहा है। Source: Express Photo by Deepak Joshi

Indian Railways, IRCTC: कोरोना महामारी के बीच भारतीय रेलवे द्वार कई ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। हालांकि रेलवे अपनी पूरी क्षमता के साथ ट्रेनों का संचालन नहीं कर रही है। कई व्यस्त रूटों पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई गई हैं।

कई बार यात्री जल्दबाजी में अपना टिकट साथ लाना भूल जाते हैं या फिर कहीं खो देते हैं। ऐसे में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ट्रेन सफर से पहले किसी कारणवश डुप्लीकेट टिकट की जरूरत पड़ जाती है। ऐसे में यात्रियों को समझ नहीं आता कि वे कहां से इसे हासिल करें?

रेलवे के नियमों के मुताबिक डुप्लीकेट टिकट जारी करने की कुछ शर्तें हैं जिनके आधार पर ही इसे जारी किया जाता है। रेलवे के नियमों के मुताबिक अगर खोई, गायब, फटी अथवा मुड़ी-तुड़ी टिकट की स्थिति आरक्षित या आरएसी थी, तो आरक्षण चार्ट तैयार होने से पहले डुप्लीकेट टिकट की मांग की जा सकती है। रेलवे के मुताबिक इसके लिए स्टेशन मास्टर प्रति यात्री लिपिकीय प्रभार की अदायगी पर मूल टिकट के बदले एक डुप्लीकेट टिकट जारी कर सकता है।

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वहीं अगर रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने के बाद गुम अथवा कोई टिकट के बदले डुप्लीकेट टिकट की मांग की जाती है तो कुल किराये की 50% के बराबर राशि की अदायगी पर डुप्लीकेट टिकट जारी किया जा सकता है। रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने के बाद आरएसी टिकटों के बदले डुप्लीकेट टिकट जारी नहीं की जा सकती।

डुप्लीकेट टिकट के लिए यात्रियों से उनके आईडी प्रूफ यानि पहचान से जुड़े दस्तावेज की मांग की जा सकती है। नियमों के मुताबिक रिजर्वेशन काउंटर से लिए गए टिकट को डिजिटल फॉर्म में दिखाना मान्य नहीं होता है। डुप्लीकेट टिकट पाने के लिए यात्रियों को पीएनआर नंबर भी याद रखना चाहिए। इससे आसानी से डुप्लीकेट टिकट जारी किया जाता है।