Indian Railways, IRCTC: रेल यात्रियों को इन समस्याओं का समाधान देती है रेल मदद हेल्पलाइन 139! देखें लिस्ट

ये नंबर सिर्फ एकीकृत सेवाएं प्रदान करने के लिए है। रेलवे के मुताबिक यात्री सिक्योरिटी, शिकायतों, खानपान और सतर्कता के संबंध में जानकारी हासिल कर सकते हैं।

Indian Railway, Indian Rail कोरोना महामारी के कारण अभी सभी ट्रेनों का संचालन नहीं हो रहा है। तस्वीर केवल प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई है

Indian Railways, IRCTC: भारतीय रेलवे के यात्रियों को ‘रेल मदद हेल्पलाइन 139’ के जरिए कई समस्याओं का समाधान मिल जाता है। इस हेल्पलाइन का इस्तेमाल यात्रा के दौरान पूछताछ और शिकायत दर्ज करने के लिए किया जाता है। अगर आप ट्रेन में सफर के दौरान किसी तरह की समस्या का सामने करें तो इस हेल्पलाइन पर कॉल कर जानकारी हासिल कर सकते हैं।

ये नंबर सिर्फ एकीकृत सेवाएं प्रदान करने के लिए है। रेलवे के मुताबिक यात्री सिक्योरिटी, शिकायतों, खानपान और सतर्कता के संबंध में जानकारी हासिल कर सकते हैं। इनके अलावा चिकित्सा सहायता, दुर्घटना की जानकारी, ट्रेन संबंधी शिकायतें, स्टेशन संबंधी शिकायतें, भाड़ा और पार्सल संबंधित पूछताछ, अपने सामान को ट्रैक करने के लिए और अन्य सामान्य पूछताछ के लिए आप इस नंबर को डायल कर सकते हैं।

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दरअसल कई बार ऐसा होता है कि हमें इनमें से किसी पर जानकारी चाहिए होती है लेकिन जानकारी के अभाव में यात्री कुछ नहीं कर पाते। ऐसे में रेलवे सोशल मीडिया के जरिए इन जानकारियों को साझा करती रहती है।

यह हेल्पलाइन सुविधा 12 भाषाओं में उपलब्ध है। (*) दबाकर सीधे कॉल सेंटर कर्मचारी से बात की जा सकती है या फिर यात्री इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (IVRS) विकल्प को चुनकर जानकारी हासिल कर सकते हैं। कॉलिंग के दौरान आपको अलग-अलग चीजों की जानकारी के लिए अलग-अलग बटन दबाना होगा। उदाहरण के लिए सुरक्षा और मेडिकल हेल्प के लिए 1 दबाना होगा।

अनाधिकृत रूप से रेलवे ट्रैक पार करने पर कैद: रेल पटरी पार करते समय कई लोग दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। कई लोगों की मौत हो जाती है। ऐसे में रेलवे द्वारा इसके खिलाफ सख्त एक्शन का प्रावधान है। रेलवे के मुताबिक रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 147 के अनुसार रेलवे ट्रैक को पार करना एक दण्डनीय अपराध है जिसमें 1 हजार रुपये का जुर्माना या 6 महीने तक की कैद या दोनों हो सकते हैं। रेलवे के मुताबिक यात्रियों को अनाधिकृत रूप से पटरी पार करने से बचना चाहिए। एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए सदैव सब-वे या फुट-ओवर ब्रिज का इस्तेमाल करना चाहिए।