IPL 2020 में सातवें स्थान पर रहने वाली चेन्नई सुपरकिंग्स ने बांटे अवॉर्ड्स, फाफ डुप्लेसिस और सैम करन को मिली खास ट्रॉफी

सीएसके की टीम इस पर चौथी बार चैंपियन बनने के लिए उतरेगी। यह पहली बार होगा जब धोनी आईपीएल 2020 के बाद से किसी टूर्नामेंट में दिखाई देंगे।

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महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम 10 अप्रैल को आईपीएल के 14वें सीजन में अपना पहला मैच खेलेगी। उसका मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स से मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होगा। टीम उससे पहले मुंबई में ट्रेनिंग कर रही है। पिछले सीजन में सातवें स्थान पर रहने वाले सीएसके ने टूर्नामेंट से शुरू होने से पहले फाफ डुप्लेसिस और सैम करन को खास अवॉर्ड दिए है। चेन्नई सुपरकिंग्स ने गुरुवार (8 फरवरी) को सोशल मीडिया पर फोटो शेयर कर इसकी जानकारी दी।

सीएसके ने टीम के लिए पिछले सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए फाफ डुप्लेसिस और सबसे ज्यादा विकेट लेने के लिए सैम करन को सम्मानित किया। डुप्लेसिस ने 13 मैच में 40.81 की औसत से 449 रन बनाए थे। उनका स्ट्राइक रेट 140.75 का रहा था। उन्होंने 4 अर्धशतकीय पारी खेली थी। डुप्लेसिस ने 42 चौके और 14 छक्के भी लगाए थे। वे टीम के लिए 400 से ज्यादा रन बनाने वाले इकलौते बल्लेबाज थे। उनके बाद अंबाती रायुडू ने 12 मैच में 359 रन ठोके थे। शेन वॉटसन ने 11 मैच में 299, रविंद्र जडेजा ने 14 मैच में 232, ऋतुराज गायकवाड़ ने 6 मैच में 204 और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 14 मैच में 200 रन बनाए थे।

सैम करन के प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने 14 मैच में 13 विकेट लिए थे। इस दौरान 344 रन दिए थे। उनक इकॉनमी रेट 8.19 का था। 19 रन पर 3 विकेट उनका बेस्ट प्रदर्शन था। सीएसके का कोई भी गेंदबाज विकेट लेने के मामले में टॉप-10 में नहीं था। करन 15वें पायदान पर थे। उनके बाद दीपक चाहर ने 14 मैच में 12 विकेट चटकाए थे। वे 18वें स्थान पर थे। शार्दुल ठाकुर 9 मैच में 10 विकेट लेकर 25वें नंबर पर थे।

डुप्लेसिस को कप्तान धोनी और पिछले सीजन में नहीं खेलने वाले उपकप्तान सुरेश रैना ने अवॉर्ड दिया। वहीं, सैम करन को धोनी के साथ ऑलराउंडर जडेजा ने ट्रॉफी दी। सीएसके की टीम इस पर चौथी बार चैंपियन बनने के लिए उतरेगी। यह पहली बार होगा जब धोनी आईपीएल 2020 के बाद से किसी टूर्नामेंट में दिखाई देंगे। पिछले सीजन में टीम के दो सीनियर खिलाड़ी रैना और हरभजन सिंह टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बने थे। टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार चेन्नई प्लेऑफ में नहीं पहुंचा था।