ITR Filing- करदाताओं को राहत! सरकार ने विवाद से विश्वास योजना की अवधि बढ़ाई

25 जून को विभाग की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार, राशि के भुगतान के लिए 31 अगस्त 2021 की तारीख तय की गयी थी।

सरकार ने बढ़ाया इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की तारीख (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने करदाताओं की सुविधा को ध्यान रखते हुए विवाद से विश्वास योजना की अवधि बढ़ा दी है । वित्त वर्ष 2021 के लिए इसे 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। अब बिना किसी अतिरिक्त शुल्क दिए लोग इस तारीख तक इसे भर सकते हैं।

बताते चलें कि 25 जून को विभाग की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार, राशि के भुगतान के लिए 31 अगस्त 2021 की तारीख तय की गयी थी।गौरतलब है कि आयकर विभाग ने कुछ ही दिन पहले इनकम टैक्स फाइल करने के लिए नए पोर्टल की शुरुआत की थी। लेकिन नए पोर्टल में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगर आप भी पहली बार आईटीआर फाइल करने जा रहे हैं तो पहले यह जान लेना बेहतर होगा कि आपको किन-किन दस्तावेजों की जरूरत होगी। आईटीआर फाइल करने के लिए फॉर्म 16 की जरूरत होती है।

यह नौकरीपेशा के लिए बेहद अहम दस्तावेज है क्योंकि इसी के जरिए आईटीआर फाइल होता है। यह फॉर्म एंप्लॉयर द्वारा कर्मचारियों को दिया जाता है। इस फॉर्म में कर्मचारी की सैलरी और सैलरी से कटने वाले टैक्स की पूरी जानकारी होती है। प्रत्येक एंप्लॉयर का जिम्मेदारी है कि जिन कर्मचारियों की सैलेरी से इनकम टैक्स की कटौती की गई है, उनको फॉर्म16 जारी करे।

टैक्‍सेबल ब्रैकेट से नीचे की इनकम होने पर भी आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य है
फाइनेंस (संख्या 2) अधिनियम, 2019 उन चुनिंदा व्यक्तियों के लिए आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य है जो प्रासंगिक वित्तीय वर्ष के दौरान कुछ स्‍पेसि‍फाइड क्राइटेरिया को पूरा करते हैं, भले ही ऐसे व्यक्तियों की आय टैक्‍सेबल ब्रैकेट में ना हो। अगर आपने एक लाख से ज्‍यादा का बिजली बिलों का भुगतान किया हो। एक या एक से अधिक चालू बैंक खातों में कुल मिलाकर 1 करोड़ रुपए से अधिक की जमा राशि की हो। अपने या किसी अन्य व्यक्ति के लिए विदेश यात्रा पर कुल मिलाकर 2 लाख रुपए से अधिक खर्च किए हो। ऐसे लोगों को आईटीआर फाइल करना अनिवार्य है।