LAC पर जारी तनातनी के बीच भारत और चीन के मध्य 13वें दौर की बातचीत, पूर्वी लद्दाख से गतिरोध खत्म होने के आसार

रविवार को हो रही वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन कर रहे हैं जो लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर हैं।

दोनों देशों के बीच हो रही कोर कमांडर स्तर की 13वें दौर की वार्ता पूर्वी लद्दाख में चीन की तरफ मोल्डो सीमा बिंदु पर हो रही है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

एलएएसी पर जारी सीमा विवाद के बीच आज भारत और चीन के बीच 13वें दौर की बातचीत हो रही है। बातचीत में पूर्वी लद्दाख के कुछ इलाकों में जारी गतिरोध को ख़त्म करने और टकराव वाली जगहों से सेना हटाने पर विचार हो सकता है। सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों के अनुसार कि इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य पूर्वी लद्दाख में बाकी के टकराव स्थलों से सैनिकों की वापसी की दिशा में आगे बढ़ना है।

समाचार एजेंसी भाषा के सूत्रों के अनुसार दोनों देशों के बीच हो रही कोर कमांडर स्तर की 13वें दौर की वार्ता पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की तरफ मोल्डो सीमा बिंदु पर हो रही है। उन्होंने बताया कि वार्ता सुबह करीब साढ़े दस बजे शुरू हुई। लगभग तीन हफ्ते पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी को कहा था कि पूर्वी लद्दाख में बाकी के मुद्दों के जल्द समाधान के लिए दोनों पक्षों को काम करना होगा। यह वार्ता इसी पृष्ठभूमि में हो रही है।

दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने 16 सितंबर को दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात की थी। इससे पहले भारत और चीन के बीच 31 जुलाई को 12वें दौर की वार्ता हुई थी। कुछ दिन बाद दोनों देशों की सेनाओं ने गोगरा से अपने सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी की थी और इसे क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता की बहाली की दिशा में एक बड़ा एवं उल्लेखनीय कदम माना गया था।

रविवार को हो रही वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन कर रहे हैं जो लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर हैं। सेना प्रमुख एम एम नरवणे ने शनिवार को कहा था कि पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन की ओर से सैन्य जमावड़ा और व्यापक पैमाने पर तैनाती अगर जारी रहती है तो भारतीय सेना भी अपनी तरफ अपनी मौजूदगी बनाए रखेगी जो पीएलए के समान ही है। 

चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ की कोशिश की दो हालिया घटनाओं के बीच 13वें दौर की वार्ता हो रही है। पहला मामला उत्तराखंड के बाराहोती सेक्टर से सामने आया था जहां 30 अगस्त को चीनी सेना के करीब 100 जवान एलएएसी पार गए थे। हालांकि कुछ ही देर बाद चीनी सैनिक वापस चले गए थे। वहीं दूसरी घटना अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में हुई जहां भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प की खबर सामने आई थी। बाद में दोनों देशों के कमांडर स्तर की बातचीत में यह मामला सुलझ गया था।