Mukhyamantri Kisan Sahay Yojana : प्राकृति‍क आपदा पर 25 हजार रुपए तक की मदद करती है गुजरात सरकार, कैसे मिलता मुआवजा

गुजरात सरकार की ओर से किसानों की मदद के लिए स्‍कीम शुरू की हुई है। जिसका नाम मुख्यमंत्री किसान सहाय योजना है। इस योजना के तहत नुकसान उठाने वाले किसानों को प्रति हेक्‍टेयर पर 25 हजार रुपए तक की मदद की जाती है।

Farmers Scheme गुजरात सरकार की ओर से किसानों की मदद के लिए स्‍कीम शुरू की हुई है। जिसका नाम मुख्यमंत्री किसान सहाय योजना है। (Photo By Indian Express Archive)

प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, बेमौसम बारिश, भारी वर्षा और सूखा पड़ने पर सबसे ज्‍यादा नुकसान किसानों को होता है। इन परिस्‍थि‍ति‍यों में किसान काफी असहाय महसूस करते हैं। इसके लिए गुजरात सरकार की ओर से किसानों की मदद के लिए स्‍कीम शुरू की हुई है। जिसका नाम मुख्यमंत्री किसान सहाय योजना है। इस योजना के तहत नुकसान उठाने वाले किसानों को प्रति हेक्‍टेयर पर 25 हजार रुपए तक की मदद की जाती है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखि‍र किसान इस तरह की मदद का कैसे लाभ ले सकते हैं।

मुख्यमंत्री किसान सहाय योजना की विशेषताएं

  • दी जाने वाली राशि – योजना के लाभार्थियों को नियमानुसार प्रत्येक हेक्टेयर पर 25,000 रुपए दिए जाएंगे।
  • योजना के लाभार्थियों की संख्या – योजना राज्य के लगभग 56 लाख किसानों को कवर करेगी।
  • अन्य प्रीमियम बीमा को छोड़कर – योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को अन्य प्रीमियम बीमा कंपनियों से सहायता नहीं मिलनी चाहिए।
  • नुकसान के कारण आर्थिक सहायता – अनियमित खेती के कारण किसान को हुए नुकसान के 60 फीसदी की उचित आर्थिक सहायता लाभार्थी को मिलेगी।
  • दिया जाएगा मुआवजा – योजना के नियमों के अनुसार स्‍टेट डिजास्‍टर स्‍टेट फंड से आर्थिक मदद दी जाएगी। प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर किसानों को यह राशि दी जाएगी।

किन परिस्‍थ‍ि‍यों में मिलेगी वि‍त्तीय सहायता
भारी वर्षा से होने वाले नुकसान पर –
मानसून के दौरान 28 दिनों तक अपर्याप्त वर्षा होने पर योजना के नियमों के अनुसार किसानों को लाभ होगा। यदि उस स्थान पर दो माह तक 10 इंच से भी कम वर्षा होती है तो वह आर्थिक सहायता प्राप्त करने का पात्र होता है। इसके अलावा, क्षतिग्रस्त क्षेत्र के लिए यह कवरेज 31 अगस्त तक गिना जाता है क्योंकि यह मानसून का समय है।

अनियमित वर्षा में सहायता – 48 घंटे में भारी वर्षा की समस्या होने पर योजना के नियमानुसार किसानों को इसके लिए कवर किया जायेगा। गुजरात के कुछ क्षेत्र सूरत, भरूच, नवसारी, वलसाड, तापी, नर्मदा और डांग हैं जो अनियमित वर्षा और इसी तरह के मुद्दों से ग्रस्त हैं। 25 इंच से कम बारिश होने पर एक क्षेत्र क्षतिग्रस्त हो जाता है।

इस परिस्‍थ‍िति में भी मिलती है मदद – गुजरात में 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक बारिश का सामान्य पैटर्न है। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से किसानों की मदद की उम्मीद की जा सकती है। यदि 48 घंटों तक भारी वर्षा होती है, तो इससे गंभीर क्षति हो सकती है। इसके कारण, राज्य सरकार उपयुक्त वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

कितनी मिलती है राशि
योजना के अनुसार किसानों को जो नुकसान हुआ है, उसके आधार पर उन्हें 20,000 रुपए प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा। यदि नुकसान 33 फीसदी से 60 फीसदी तक होता है, तो राज्य सरकार नुकसान की भरपाई करेगी। जब नुकसान 60 फीसदी से अधिक होगा तो राशि 25 हजार रुपए होगी और यह लगभग 4 हेक्टेयर के बराबर होगी।

योजना के लिए पात्रता मानदंड
मान्यता प्राप्त किसान –
राज्य के केवल मान्यता प्राप्त किसान ही योजना का लाभ लेने के पात्र हैं। वन अधिकार अधिनियम के अनुसार 8-ए धारक खाता रखने वाले किसान लाभ प्राप्त करने के लिए उपयुक्त हैं।
राज्य के निवासी – जैसा कि योजना गुजरात में शुरू की गई है, केवल राज्य के किसान ही योजना के लाभ के लिए पात्र हैं।
पहचान विवरण – किसानों को अपने दावे को सही ठहराने के लिए पंजीकरण के समय उपयुक्त पहचान प्रमाण दिखाना होगा कि वे योजना के लिए पात्र हैं।

आवश्यक दस्तावेज
आवासीय प्रमाण – पंजीकरण के समय, किसानों को उच्च अधिकारियों द्वारा जांच के लिए उपयुक्त आवासीय प्रमाण प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है।
पहचान प्रमाण- आवेदकों को पंजीकरण के समय आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और इसी तरह के विकल्पों जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
खाते का विवरण – जैसा कि मान्यता प्राप्त किसान पात्र हैं, उन्हें प्राधिकरण द्वारा जांचे जाने वाले 8-ए अकाउंट के डॉक्‍युमेंट्स जमा करने होंगे।
बैंक खाता- उम्मीदवारों को सही बैंक विवरण प्रस्तुत करना होगा क्योंकि यह बैंक खाते से जुड़ा होगा।

योजना के लिए कोई कैसे आवेदन कर सकता है?
इस योजना में रजिस्‍ट्रेशन कराने के लिए ई-ग्राम केंद्र पर जाना होगा और ऊपर बताए गए दस्तावेजों को प्रस्तुत करना होगा। इसलिए राज्य सरकार योजना के किसानों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। हालांकि राज्य सरकार ने कहा है कि वह किसानों की मदद के लिए इस योजना को आगामी खरीफ सीजन में लागू करेगी। इसके अलावा, गुजरा त का राजस्व विभाग uBesidesportal लांच करेगा जो योजना के लिए आसान आवेदन में मदद करेगा। योजना के शुरू होने से किसानों के मुद्दों को आसानी से हल करने में मदद मिलेगी।