Mutual Fund SIP में अगर आप भी करते हैं ये गलतियां तो नहीं होगी कमाई

म्यूचुअल फंड एसआईपी बढ़ती पॉपुलैरिटी के कारण लंबी अवधि में छोटे मासिक निवेश के साथ बड़ा मेच्‍योर अमाउंट विकसित करने की इसकी विशेषता है। हालांकि, प्रोडक्‍ट के बारे में पूरी जानकारी ना होने और कुछ गलतियों की वजह से निवेशकों या तो कम मुनाफा होता है या फ‍िर नुकसान हो जाता है।

mutual funds यदि आप 5 साल से कम समय के लिए निवेश करना चाहते हैं तो डेब्ट फंड में 1 लाख रुपये निवेश करने पर विचार करें। डेब्ट फंड, बैंक एफडी की तुलना में अधिक टैक्स कुशल है और यह ज्यादा रिटर्न भी देते हैं।

म्यूचुअल फंड एसआईपी निवेश निवेशकों के बीच तेजी से पॉपुलर हो रहा है। खासकर उन युवाओं में जो अपने करियर के शुरुआती फेज में हैं। । म्यूचुअल फंड एसआईपी की इतनी बढ़ती पॉपुलैरिटी के कारण लंबी अवधि में छोटे मासिक निवेश के साथ बड़ा मेच्‍योर अमाउंट विकसित करने की इसकी विशेषता है। हालांकि, प्रोडक्‍ट के बारे में पूरी जानकारी ना होने और कुछ गलतियों की वजह से निवेशकों या तो कम मुनाफा होता है या फ‍िर नुकसान हो जाता है। आज हम आपको ऐसी ही गलतियों के बारे में जा रहे हैं जो म्‍यूचुअल फंड में निवेश करते समय निवेशक कर बैठते हैं।

एनएवी बनाम पास्‍ट परफॉर्मेंस
अध‍िकतर म्यूचुअल फंड निवेशकों का मानना है कि कम एनएवी यानी नेट एसेट वैल्यू वाले म्यूचुअल फंड एसआईपी में अधिक रिटर्न देने की संभावना है। लेकिन, वास्तव में, किसी को एनएवी के बजाय म्यूचुअल फंड के पास्‍ट परफॉर्मेंस को देखने की जरूरत है। म्यूचुअल फंड का एनएवी कई कारणों से कम या ज्यादा हो सकता है लेकिन म्यूचुअल फंड का प्रदर्शन सिर्फ एक कारण से अच्छा या बुरा हो सकता है और वो है अच्छा या बुरा एसेट मैनेजर। इसलिए निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि उसका एसेट मैनेजर अच्‍छा हो, जो म्यूचुअल फंड के एनएवी से ज्यादा मायने रखता है।

डिविडेंड बनाम ग्रोथ प्लान
टैक्स और निवेश विशेषज्ञों के मुताबिक, डिविडेंड प्लान की तुलना में ग्रोथ प्लान बेहतर होते हैं। उनका मानना है कि लाभांश का भुगतान निवेशक के शुद्ध एयूएम से किया जाता है। इसलिए, ग्रोथ प्लान की तुलना में डिविडेंड प्लान चुनने से निवेशक की आय लंबी अवधि में कम हो जाती है क्योंकि निवेशक कंपाउंडिंग बेनिफिट या टैक्स पर टैक्स का मौका चूक जाता है।

बुल बनाम बियर मार्केट
यह पाया गया है कि जब बाजार में मंदी होती है, तो म्यूचुअल फंड एसआईपी निवेशक अपने मासिक एसआईपी भुगतान को रोक देते हैं। ऐसा करने से वे रुपए की औसत लागत के माध्यम से अधिक एनएवी प्राप्त करने का अवसर चूक जाते हैं। वास्तव में मंदी के बाजार में उस समय निवेशक को कुछ एकमुश्त राशि के साथ टॉप-अप का अवसर देखना चाहिए। म्यूचुअल फंड एसआईपी निवेशकों को यह समझने की जरूरत है कि जब बाजार में मंदी होता है तो निवेश लागत कम हो जाता है और कम निवेश लागत से रिटर्न की संभावना अधिक होता है। इसलिए, एक बुल मार्केट में, किसी की निवेश लागत अधिक होती है जिससे रिटर्न की संभावना कम होती है।

फंड का सेलेक्‍शन
म्यूचुअल फंड एसआईपी के लिए फंड का चयन करते समय, एक निवेशक को सलाह दी जाती है कि एक से दो साल में हाल के प्रदर्शन के बजाय पिछले 5 से 10 वर्षों के लिए म्यूचुअल फंड के प्रदर्शन को देखें। उन्हें उस अवधि में बेंचमार्क इक्विटी रिटर्न की भी जांच करनी चाहिए। किसी योजना का चयन करते समय, म्यूचुअल फंड के दीर्घकालिक प्रदर्शन को देखने की सलाह दी जाती है।