NPS Investment : हर महीने 15 हजार रुपए का करें निवेश, रिटायरमेंट के बाद मिलेगी एक लाख की पेंशन

एनपीएस योजना निवेशकों को नियमित अंतराल पर पेंशन खाते में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करती है। एनपीएस अकाउंट होल्‍डर एक वित्‍त वर्ष में 2 लाख रुपए तक के निवेश पर इनकम टैक्‍स की धारा 80सी के तहत ₹1.5 लाख तक और धारा 80 सीसीडी के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपए तक छूट का दावा कर सकता है।

Pension Schemes केंद्र सरकार की कई ऐसी पेंशन योजनाएं हैं जिसमें निवेश कर आप अपने बुढ़ाने को सु‍रक्षित बना सकते हैं। ( Express Photo by Kamleshwar Singh )

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली यानी नेशनल पेंशन सिस्‍टम केंद्र सरकार की सोशल सिक्‍योरिटी इनिशिएटिव में से एक है। जिसमें सरकारी, प्राइवेट या इंफॉर्मल सेक्‍टर में काम करने वाले कर्मचारी अपनी मर्जी से निवेश कर सकते हैं। एनपीएस योजना निवेशकों को नियमित अंतराल पर पेंशन खाते में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करती है। एनपीएस अकाउंट होल्‍डर एक वित्‍त वर्ष में 2 लाख रुपए तक के निवेश पर इनकम टैक्‍स की धारा 80सी के तहत ₹1.5 लाख तक और धारा 80 सीसीडी के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपए तक छूट का दावा कर सकता है। टैक्‍स एंड इंवेस्‍टमेंट एक्‍सपर्ट के अनुसार, यह पेंशन योजना न केवल मासिक पेंशन सुनिश्चित करती है, बल्कि एक निवेशक को एकमुश्त परिपक्वता राशि भी प्राप्त करने में मदद करती है।

एनपीएस योजना पर जानकारों का कहना है कि एनपीएस अकाउंट खोलने के समय खाताधारक को दो ऑप्‍शन दिए जाते हैं। एक है सक्रिय मोड और दूसरा ऑप्शन ऑटो मोड का है। इसके अलावा, खाताधारक के पास यह चुनने का विकल्प होता है कि कितनी परिपक्वता राशि एन्युटी के लिए करना चाहता है। एन्युटी खरीदने का य‍ह रेश्‍यो तय करता है कि एनपीएस अकाउंट होल्‍डर को कितनी पेंशन मिलेगी।

सोलंकी ने कहा कि एन्युटी खरीदने के लिए नेट एनपीएस मैच्योरिटी राशि का कम से कम 40 फीसदी चुनना होगा। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति उच्च पेंशन प्राप्त करना चाहता है, तो एनपीएस खाताधारक इस रेश्‍यो को बढ़ा भी सकता है। उन्होंने आगे कहा कि मासिक पेंशन इस बात पर डिपेंड करती है कि वो कितनी फीसदी एन्युटी को खरीदता है।

जानकारों के अनुसार एनपीएस में सालाना 6 फीसदी के रिटर्न की उम्‍मीद लगाई जा सकती है। निवेश के बाद मासिक पेंशन की संभावना कैसे बढ़ाई जा सकती है, इस बारे में जानकार कहते हैं कि अधिक मासिक पेंशन पाने के लिए किसी को अपनी नेट एनपीएस मेच्‍योरिटी में एन्युटी का ज्‍यादा रेश्‍यो आवंटित करने की आवश्यकता है। एनपीएस नियमों के अनुसार, इसे खरीदना अनिवार्य है। नेट एनपीएस मेच्‍योरिटी राशि के कम से कम 40 फीसदी एन्युटी लेना जरूरी है। लेकिन, यदि कोई इस सीमा को बढ़ाना चाहता है तो यह पूरी तरह से लिमिटलेस है। कोई व्यक्ति नेट एनपीएस मेच्‍योरिटीराशि के 100 प्रतिशत का उपयोग करके एन्युटी खरीद सकता है।

कुछ जानकारों का कहना है कि किसी को भी मेच्‍योर राशि का 60 प्रतिशत एन्युटी खरीदने के लिए उपयोग करना चाहिए और शेष 40 फीसदी एकमुश्‍त रकम लेने के लिए उपयोग करना चाहिए। जिससे निवेशक रिटायरमेंट के बाद इमरजेंसी फाइनेंश‍ियल जरूरतों के लिए उपयोग कर सकता है।

अगर कोई व्यक्ति एनपीएस खाते में 30 साल के निवेश करता है, 60 प्रतिशत इक्विटी में और 40 फीसदी डेट में रखता है तो एनपीएस की ब्याज दर कितनी होगी? जिस पर जानकार कहते हैं कि लंबी अवधि में इक्विटी पर 12 फीसदी रिटर्न और डेट पर 8 फीसदी रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं। । चूंकि इक्विटी एक्सपोजर 60 फीसदी है, इक्विटी एक्सपोजर पर न्यूनतम रिटर्न एनपीएस खाते में लगभग 7.2 फीसदी (12 x 0.60) और डेट रिस्‍क में लगभग 3.2 फीसदी (8 x 0.40) होगा। इसलिए, कोई लंबी अवधि में लगभग 10 से 10.4 फीसदी एनपीएस ब्याज दर की उम्मीद की जा सकती है। यदि इक्विटी और डेट रिस्‍क 60:40 के रेश्‍यो में हैं।

इसलिए, एनपीएस अकाउंट के इक्विटी-डेट एक्सपोजर को 60:40 में रखते हुए, यदि कोई व्यक्ति एन्युटी खरीद के लिए नेट एनपीएस मेच्‍योर अमाउंट के 60 फीसदी का उपयोग करते हुए 15,000 रुपए प्रति माह निवेश करता है, तो एनपीएस कैलकुलेटर के अनुसार एक विद्ड्रॉल अमाउंट के रूप में 1,36,75,952 रुपए और मासिक पेंशन 1,02,5070 रुपए मिलेगी। इसलिए 1 लाख रुपए की मासिक पेंशन पाने के लिए निवेशक को 15,000 रुपए का निवेश हर महीने करना होगा।