PM से मीटिंग पर सीएम ने की नुक़्ताचीनी, पत्रकार ने की तल्ख टिप्पणी तो किसी ने लिखा- ये हैं नरेंद्र मोदी की असली प्रवक्ता

नाविका कुमार ने हेमंत सोरेन की खिंचाई करते हुए ट्वीट किया, अब यह स्तर हो गया है? महामारी के इस दौर में जब प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को स्थिति का जायजा लेने के लिए फोन किया तब मुख्यमंत्री का ऐसा कहना है।

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देशभर में कोरोना संक्रमण की स्थिति गंभीर होती जा रही है। शुक्रवार (7 मई) को भी 24 घंटे के दौरान चार लाख से ज्यादा पॉजिटिव केसेज सामने आए। कोरोना के कहर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की फोन पर बातचीत हुई। सोरेन ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस बातचीत का जिक्र करते हुए एक तरीके से प्रधानमंत्री को ताना मारा। जिस पर सियासत शुरू हो गई।

सोरेन ने लिखा, ‘आज आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने फोन किया। उन्होंने सिर्फ अपने मन की बात की। बेहतर होता यदि वह काम की बात करके और काम की बात सुनते…।’ उनके ट्वीट पर तमाम लोग टिप्पणी करने लगे। जिसमें वरिष्ठ पत्रकार नाविका कुमार भी शामिल थीं।

नाविका ने हेमंत सोरेन की खिंचाई करते हुए ट्वीट किया, ‘अब यह स्तर हो गया है? महामारी के इस दौर में जब प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को स्थिति का जायजा लेने के लिए फोन किया तब मुख्यमंत्री का ऐसा कहना है। क्या सम्मान नाम की कोई चीज नहीं है? प्रधानमंत्री को मदद के लिए गाली दी जा रही है?’

नाविका के इस ट्वीट पर स्तंभकार सलिल त्रिपाठी ने उन्हें प्रधानमंत्री के प्रवक्ता की संज्ञा दे दी और लिखा ‘ये रहा प्रधानमंत्री के आधिकारिक प्रवक्ता का बयान…।’ उधर, कांग्रेस की प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने लिखा, ‘इतनी भयंकर त्रासदी में भी आत्ममुग्ध प्रधानमंत्री की अंतरात्मा नहीं जाग रही है। शर्मनाक…।’ अमित मिश्रा नाम के यूजर ने लिखा ‘जिस प्रधानमंत्री को सबको वैक्सीन लगे, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण 20 हजार करोड़ का घर लग रहा है… वह दूसरों के मन की बात क्या सुनेगा?

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हेमंत सोरेन का ट्वीट और उसपर नाविका कुमार का जवाब…

उधर, कुछ यूजर हेमंत सोरेन की खिंचाई भी करते नजर आए। शशि शेखर नाम के यूजर ने झारखंड की राजधानी रांची के अस्पतालों में अव्यवस्था से जुड़ी खबर साझा करते हुए लिखा, ‘मामूली सुविधा उपलब्ध नहीं करा सकते, लेकिन घटिया राजनीति करने के लिए समय है आपके पास।’ शशांक राज नाम के यूज़र ने सोरेन को नसीहत देते हुए लिखा, ‘झारखंड के मुख्यमंत्री पद की गरिमा का ध्यान रखिए महोदय। इतनी हल्की बात कर झारखंड की जनता का उपहास मत उड़वाइये।’

एक यूजर ने लिखा, ‘कम से कम रांची के रिम्स की हालत तो देख लीजिए, फिर राजनीति करिएगा।’ एक अन्य यूजर ने एक वीडियो साझा किया। इसमें सोरेन, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से बात करते दिख रहे हैं। इस वीडियो में गडकरी कहते हैं कि हमारे पास पैसों की कमी नहीं है, आप लैंड एक्वायर करिये, क्लीयरेंस लाइये…हम 3 साल में झारखंड में सड़कों का जाल बिछा देंगे। इसपर सोरेने हंसने लगते हैं…। यूजर ने वीडियो साझा करते हुए लिखा कि जहां काम की बात आती है वहां जवाब नहीं दे पाते हैं…।