PM Kisan Scheme के तहत लाभार्थियों को कैसे जारी की जाती है किस्त, जानना चाहेंगे?

प्रधानमंत्री-किसान सम्मान निधि (PM-Kisan Samman Nidhi) स्कीम 100 फीसदी केंद्रीय योजना है और इसके तहत दी जाने वाली रकम सीधे लाभार्थी किसानों के खाते में ट्रांसफर कराई जाती है।

pm kisan, farmer, utility news पंजाब के लुधियाना शहर में अपने खेत में काम करता एक किसान। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः गुरमीत सिंह)

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Scheme) के तहत केंद्र सरकार हर साल किसान परिवारों को छह हजार रुपए की आर्थिक मदद मुहैया कराती है। यह रकम दो-दो हजार रुपए की तीन किस्तों में उनके खाते में सीधे ट्रांसफर कराई जाती है, पर आपने कभी सोचा है कि यह रकम जारी कैसे होती और इसकी पूरी प्रक्रिया क्या? अगर नहीं तो आइए आज जानते हैं इस बारे में:

पीएम किसान की वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पीएम किसान पोर्टल पर राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें लाभार्थियों के डेटा को अपलोड करती हैं। पात्र किसान ग्राम पटवारियों, राजस्व अधिकारियों या अन्य नामित अधिकारी/एजेंसियां ​के पास आवेदन कर सकते हैं ​और वहां उन्हें अपने जरूरी डिटेल्स देने पड़ते हैं।

ब्लॉक lfduk I जिला स्तर पर राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी डेटा को आगे बढ़ाते हैं और उन्हें राज्य नोडल अधिकारियों (एसएनओ) को ट्रांसफर करते हैं। फिर राज्य नोडल अधिकारी डेटा को प्रमाणित करते हैं और उन्हें बैचों में समय समय पर पोर्टल पर अपलोड करते हैं।

राज्य नोडल अधिकारी की ओर से अपलोड किया गया लाभार्थियों का डेटा कई स्तरों से गुजरता है, जिसमें उसका वेरिफिकेशन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनएलसी), सार्वजनिक वित्त प्रबंधन व्यवस्था (पीएफएमएस) और बैंकों द्वारा किया जाता है।

सत्यापित/मान्य डेटा के आधार पर एसएनओ बैच में लाभार्थियों के रिक्वेस्ट फॉर ट्रांसफर (आरएफटी) पर हस्ताक्षर करते हैं। फिर उस फंड की रकम को बैच के लिए ट्रांसफर किया जाता है और पोर्टल पर अपलोड किया जाता है।

आगे आरएफटी के आधार पर पीएफएमएस एफटीओ यानी फंड ट्रांसफर ऑर्डर जारी करता है। एफटीओ के आधार पर कृषि, सहयोग और किसान कल्याण विभाग एफटीओ में लिखी हुई राशि का सैंक्शन ऑर्डर जारी कर देता है।

फिर राशि को लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता है। इनमें अनुसूचित बैंक, डाक घर, ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक या कोई अन्य वित्तीय संस्थान हो सकता है। पूरी प्रक्रिया के दौरान बैंकिंग लेन-देन का प्रबंधन और निगरानी नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) करता है।

वैसे, अब पीएम किसान के तहत मिलने वाली सहायता राशि को पाने के लिए ई-केवाईसी करना अनिवार्य हो गया है। अगर कोई लाभार्थी इस काम को नहीं करता है, तब उसकी किस्त जारी नहीं की जाती है। हालांकि, कुछ ऐसी श्रेणियां भी हैं, जो किसी भी हालत में पीएम किसान योजना का लाभ पाने की हकदार नहीं होती हैं।