PM Kisan Yojna: अगर आपके खाते में अब तक नहीं आए 2000 रुपये तो ऐसे कर सकते हैं क्लेम

सरकार की तरफ से किसानों के खाते में सालाना 6 हजार रुपये 3 किस्तों में भेजे जाते हैं। हर 4 महीने में 2 हजार रुपये की किस्त आती है।

pm kisan, pm kisan yojana प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत सालाना 6 हजार रुपये पा सकते हैं (Photo-Indian Express)

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। अगर आप भी इसका लाभ लेते रहे हैं लेकिन किस्त का पैसा अभी तक आपके खाते में नहीं आए हैं तो आपको इसके लिए क्लेम करना पड़ सकता है। बताते चलें कि लाभार्थियों के डॉक्युमेंट पूरे न होने की वजह से या आधार, आकाउंट नंबर और बैंक अकाउंट नंबर में गलती होने की वजह से लोगों का किस्त अटक जाता है। अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ है तो इसे सुधार करवा लें वरना आपके खाते में आगे की किस्तों के पैसे भी नहीं आएंगे।

गौरतलब है कि किसानों के खाते में सालाना 6 हजार रुपये 3 किस्तों में भेजे जाते हैं। हर 4 महीने में 2 हजार रुपये की किस्त आती है। PM Kisan पोर्टल के मुताबिक स्कीम की पहली किस्त 1 दिसंबर से 31 मार्च तक आती है। दूसरी किस्त एक अप्रैल से 31 जुलाई के बीच किसानों के खाते में पहुंचती है। तीसरी किस्त 1 अगस्त से 30 नवंबर के बीच किसानों के खाते में ट्रांसफर की जाती है।

किस्त न मिलने पर यहां करें शिकायत: सबसे पहले आपको अपने क्षेत्र के लेखपाल और कृषि अधिकारी से संपर्क करना होगा और उन्हें इसकी जानकारी देनी होगी। अगर आपकी सुनवाई यहां नहीं होती है तो इससे जुड़े हेल्पलाइन पर भी फोन कर सकते हैं। आपको बता दें कि सोमवार से शुक्रवार तक पीएम किसान हेल्प डेस्क के ई मेल pmkisan [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं। वहां से भी न बात बने तो इस सेल के फोन नंबर 011 23381092 पर फोन करें।

मोबाइल एप के जरिए भी कर सकते हैं पंजीकरण: आप पीएम किसान के ऑनलाइन पोर्टल https://www.pmkisan.gov.in या मोबाइल एप के जरिए पंजीकरण कर सकते हैं। मोबाइल एप के जरिए पंजीकरण करना पोर्टल के मुकाबले थोड़ा आसान बनाया गया है। इसके लिए आप ‘Google Play Store’ में जाकर PMKISAN GoI एप डाउनलोड कर सकते हैं।

इस एप के जरिए पंजीकरण के कई फायदे हैं। इसके जरिए से आप किसी भी समय पंजीकरण और पेमेंट स्टेट्स के बारे में जान सकते हैं। मोबाइल एप पर आवेदकों को आधार नंबर के तहत नाम सुधारने की सहुलियत मिलती है। ऐसी कुछ गलतियां हैं जिन्हें आवेदन में दर्ज करने पर किस्त रोक ली जाती है।