PMO से रोजमर्रा की जरूरत के चीज-सामान को मिलता है फंड, पर नरेंद्र मोदी नहीं लेते एक भी रुपया; तनख्वाह से चलाते हैं खर्च

प्रधानमंत्री मोदी 71 साल के हो गए हैं। प्रधानमंत्री होने के बावजूद वह अपने निजी खर्च खुद की सैलरी से ही करते हैं। हालांकि किसी प्रधानमंत्री को कुछ खर्च के लिए पीएमओ से फंड भी दिया जाता है। लेकिन पीएम मोदी इस फंड से एक रुपया नहीं लेते।

मुंबई के एक पेंटर ने इस अंदाज में दी पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई। फोटो- पीटीआई

प्रधानमंत्री मोदी अपनी कई विशेषताओं की वजह से जाने जाते हैं जो कि उन्हें एक आम आदमी से अलग करती हैं। एक तरफ जहां वह अलग-अलग तरह के पहनावे में नजर आते हैं तो दूसरी तरफ उनका साधारण रहन-सहन भी दिखायी देता है। आज उनका 71वां जन्मदिन है। इस मौके पर हम आपको उनसे जुड़ी ऐसी बात बताने जा रहे हैं जिसे जानकर आपको हैरानी होगी। आप सोचते होंगे कि प्रधानमंत्री बनने के बाद कोई शख्स सारे खर्चे सरकारी खजाने से या फिर किसी खास भत्ते से करता होगा। यह सच भी है कि प्रधानमंत्री को पीएमओ से अलग फंड मिलता है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी इस फंड का इस्तेमाल नहीं करते। वह अपने निजी खर्चे अपनी सैलरी से ही करते हैं।

जानकारी के मुताबिक पीएमओ से मिलने वाले फंड से किसी प्रधानमंत्री की निजी और रोजमर्रा की जरूरतों का इंतजाम किया जाता है। यह व्यवस्था उनके परिवार को भी दी जाती है लेकिन मोदी इस फंड से एक रुपया नहीं लेते। ऊंचे पद पर तैनात एक अधिकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी अपनी जरूरत का सामान एक शख्स से मंगाते हैं जो कि तब से ही उनके संपर्क में है जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। हालांकि इस शख्स का नाम गुप्त है। जब मोदी की किसी चीज की जरूरत होती है तो वह उसी से मंगवाते हैं।

पीएम मोदी के परिवार का कोई शख्स उनके आवास पर नहीं आता। उनकी मां हीराबेन एक बार प्रधानमंत्री आवास पर आई थीं और कुछ दिन रुकी भी थीं। इसके बाद ऐसी जानकारी कभी नहीं मिली की परिवार का कोई शख्स उनसे मिलने भी आया हो। पीएम मोदी सरदार वल्लभभाई पटेल को आदर्श मानते हैं। सरकारी खजाने से निजी खर्च न करने की शुरुआत भी पटेल ने ही की थी। गृह मंत्री रहते हुए उन्होंने इस तरह का कोई भी फंड लेने से इनकार कर दिया था।