PPE किट, पैरासिटामॉल और कोवैक्सिन में फर्क तो पता नहीं… भड़क गए संबित पात्रा, AAP नेता से मिला ऐसा जवाब

संबित पात्रा जवाब देते हुए वह दस्तावेज पढ़ने लगते हैं जिसमें कोवैक्सीन की डिलीवरी को लेकर जानकारी दी गई होती है। ऐसे मेंं राघव चड्ढा कहते हैं कि लास्ट संटेंस पढिए आप। आप प्रवक्ता..

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देश में कोरोना को लेकर बिगड़ते हालातों के बीच अस्पतालों में बेड्स, ऑक्सीजन और अब वैक्सीन की कमी हो रही है। ऐसे में वैक्सीन के नाम पर सियासत शुरू हो गई है! आजतक की लाइव डिबेट में अंजना ओम कश्यप संबित पात्रा से सवाल करने लगीं कि आखिर टीके की कमी का सच क्या है? तो वहीं आप नेता राघव चड्ढा भी बीजेपी और पार्टी प्रवक्ता पर बिफरते दिखे। इस बीच आप प्रवक्ता और बीजेपी प्रवक्ता के बीच बहस शुरू हो गई।

अंजना ओम कश्यप ने सवाल किया- ‘लोगों के मन में शक डाला गया कोवैक्सिन को लेकर। किसने डाला ये शक? सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने! इस कॉम्पिटेटिव पागलपन को आप लोगों ने देश में चलने दिया। उन्होंने इंटरव्यू में खुलकर इस बारे में कहा था। संबित पात्रा-कोवैक्सिन को लेकर उन्होंने शक जाहिर किया था।’

इस पर संबित पात्रा जवाब देते हुए वह दस्तावेज पढ़ने लगते हैं जिसमें कोवैक्सीन की डिलीवरी को लेकर जानकारी दी गई होती है। ऐसे मेंं राघव चड्ढा कहते हैं कि लास्ट संटेंस पढिए आप। आप प्रवक्ता की ये बात सुन कर पात्रा भड़क जाते हैं और कहते हैं- क्यों लास्ट संटेस पढ़ें जब पहली लाइन में आपकी पोल खुल रही है तो? लास्ट संटेंस पढ़ूंगा,पहले फर्स्ट लाइन से शुरू करूंगा। पहले आपकी पोल खोलूंगा।

ऐसे में राघव चड्ढा संबित पात्रा की बारी के दौरान  लगातार बोलते रहते हैं, इस पर गुस्साते हुए संबित कहते हैं कि- आपको पीपीई किट, पैरासिटामॉल औऱ को वैक्सिन के बीच का फर्क तो पता नहीं है। आप इन्हें डिबेट में बुलाते हैं।

संबित पात्रा आगे कहते हैं – अंजना जी बार बार जब मैं पहली लाइन पढ़ रहा हूं तो मुझे पढ़ने नहीं दिया जा रहा है। ये पहली लाइन इसलिए नहीं पढ़ने दे रहे क्योंकि इसमें छिपा हुआ है कि कहीं भी आपने ऑर्डर नही दिया था…। संबित के इतना कहने पर फिर से राघव बोल पड़ते हैं। इस बात से नाराज होकर पात्रा चुप हो जाते हैंऔर कहते हैं कि राघव की वॉइस डाउन होनी चाहिए। इस पर आप प्रवक्ता कहते हैं कि संबित जी की आवाज डाउन होनी चाहिए।

इसके बाद राघव चड्डा को अंजना ओम कश्यप कहती हैं कि ये गलत तरीका है राघव चड्ढा जी। पात्रा भी कहते हैं कि बच्चों की तरह बर्ताव करना बंद किया जाए। राघव चड्ढा जवाब देते हुए कहते हैं कि आप भी लोगों के बीच में बोलना बंद कर दीजिए पात्रा जी।