TMC के पूर्व मंत्री 10 करोड़ के घोटाले में गिरफ्तार, चुनाव से पहले ज्वाइन की थी बीजेपी, भगवा पार्टी ने झाड़ा पल्ला

पूरे मामले पर बीजेपी ने अपने आप का बचाव किया है। बीजेपी के विष्णुपुर संगठनात्मक जिलाध्यक्ष सुजीत अगस्ती ने दावा किया कि मुखर्जी राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले भगवा पार्टी में शामिल हो गए थे, लेकिन वह सक्रिय रूप से शामिल नहीं थे।

UP, Crime News, Kanpur, Man arrested, Shadi.com, matrimonial website, crime news, jansatta तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (express file photo)

इस साल के शुरू में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने वाले पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री श्याम प्रसाद मुखर्जी को करीब 10 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोप में रविवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बिष्णुपुर से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक जब 2020 में स्थानीय नगर निकाय के अध्यक्ष थे तब ई-निविदा से संबंधित कथित धन गबन और अन्य आरोपों की जांच की गई थी जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक धृतिमान सरकार ने कहा, “9.91 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोप की बिष्णुपुर के एसडीपीओ ने जांच की थी। सवालों का संतोषजनक जवाब न देने पर मुखर्जी को गिरफ्तार कर लिया गया।” भाजपा के बिष्णुपुर संगठन जिलाध्यक्ष सुजीत अगस्ती ने दावा किया कि मुखर्जी राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले भगवा दल में शामिल हुए थे, लेकिन वह सक्रिय नहीं हैं। भाजपा नेता ने पूछा, “उन पर आरोप उस समय के हैं जब वह तृणमूल कांग्रेस में थे। क्या सरकार अब जागी है?”

बताते चलें कि बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी को शानदार जीत मिली थी। हालांकि उसके बाद से बीजेपी और टीएमसी लगातार आमने-सामने रहे हैं। हाल ही में उत्तर बंगाल के लिए अलग केंद्रशासित प्रदेश की मांग कर विवादों में घिरे केंद्रीय मंत्री जॉन बारला का बचाव भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने की थी। उन्होंने बचाव करते हुए कहा था कि मंत्री महज लोगों की शिकायतें सामने रख रहे थे। घोष ने पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में विकास नहीं होने के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर दोष मढ़ा।

घोष ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बंगाल के विभाजन का समर्थन नहीं करती है। घोष ने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में बारला अलीपुरद्वार के लोगों की मांग को रख रहे थे। जलपाईगुड़ी की यात्रा के दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘लोगों की आवाज उठाने के लिए उन्हें (बारला) अलगाववादी नहीं कहा जा सकता है।’’