UP Elections: बीजेपी के नेतृत्‍व वाले NDA ने 2014 के बाद पहली बार उतारा मुस्लिम कैंडिडेट, जानें कौन हैं हैदर अली खान

UP Election: यूपी के स्वार टांडा सीट पर इस बार दिलचस्प लड़ाई देखने को मिल सकती है। यहां दो पुराने प्रतिद्वंदी परिवारों के बीच टक्कर है।

haidar ali khan rampur अनुप्रिया पटेल के साथ हैदर अली खान (फोटो- haideralikhan.official)

यूपी चुनाव के लिए अपना दल ने आजम खां के बेटे अब्दुल्ला के सामने स्वार टांडा सीट से कांग्रेस के पूर्व नेता हैदर अली खान को उतारा है। अभी तक के घोषित प्रत्याशियों में एनडीए की ओर से हैदर पहले उम्मीदवार हैं, जो मुस्लिम समुदाय से आते हैं।

कौन हैं हैदर अली खान- हैदर अली खान कांग्रेस के दिग्गज नेता नूर बानो के पोते हैं और नवाब काजिम अली खान के बेटे हैं। हैदर अली रामपुर के शाही परिवार से संबंध रखते हैं। हैदर अली खान ने दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से पढ़ाई की और आगे की पढ़ाई के लिए विदेश चले गए। वह पहले अपने पिता के लिए चुनावी प्रचार की कमान संभाल चुके हैं। हैदर अली को कांग्रेस से भी टिकट मिल गया था, लेकिन बाद में इन्होंने कांग्रेस छोड़ अपना दल का दामन थाम लिया।

क्या है समीकरण- इस सीट से हैदर अली खान के पिता चार बार विधायक रह चुके हैं। पिछली बार 2017 में इनके पिता बसपा से चुनावी मैदान में उतरे थे, जहां उन्हें आजम खां के बेटे अब्दुल्ला से मात खानी पड़ गई थी। हालांकि बाद में कम उम्र होने कारण अब्दुल्ला की सदस्यता चली गई थी। इस सीट पर हैदर अली के परिवार की अच्छी खासी पकड़ है।

पुरानी है अदावत- इस सीट पर और पूरे रामपुर में इनके परिवार और आजम खां के बीच ही पिछले कई सालों से टक्कर रही है। समाजवादी पार्टी के आजम खां की रामपुर के नवाबों के साथ लंबी राजनीतिक अदावत रही है। कई चुनावों में दोनों का सामना हुआ है। अभी हाल ही में अब्दुल्ला आजम को जमानत दी गई। वो सीतापुर जेल में बंद थे। उनके पिता अभी भी कई मामलों में जेल में ही हैं।

टिकट के बाद क्या बोले हैदर- कांग्रेस से एनडीए में जाने पर हैदर अली खान ने कहा कि वो अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल के संघर्ष से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में यूपी सरकार ने जबरदस्त काम किया है। उन्होंने कहा- “सभी योजनाओं का लाभ यूपी के मुसलमानों तक पहुंच गया है। मुसलमान एनडीए का समर्थन करेंगे।”