UP Panchayat Chunav: इमरान बने प्रधान तो लगवाए ‘नया पाकिस्तान’ के नारे, दर्ज हो गया केस

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के थाना रामगंज के गांव मंगरा में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान इमरान खान के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज़ किया है। इमरान पर ‘नया पाकिस्तान’ के नारे लगाने का आरोप है। कोरोना महामारी के बीच चुनाव जीतने के बाद इमरान ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए दर्जनों बाइक और चारपहिया गाड़ियों […]

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उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के थाना रामगंज के गांव मंगरा में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान इमरान खान के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज़ किया है। इमरान पर ‘नया पाकिस्तान’ के नारे लगाने का आरोप है। कोरोना महामारी के बीच चुनाव जीतने के बाद इमरान ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए दर्जनों बाइक और चारपहिया गाड़ियों के काफिले के साथ विजय जुलूस निकाला।

इस जुलूस के दौरान आपत्तिजनक गाने बज रहे थे। सोशल मीडिया पर रैली का जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें बैग्राउंड में जो गाना बज रहा है उसके बोल हैं, “नया पाकिस्तान आया, देखो इमरान खान आया।” जिसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच की और संबधित मामले की गंभीरता देखते हुए प्रधान इमरान खान उसके साथियो जाकिर अहमद , मशूद , मक़सूद, इश्तियाक व 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 153b,188,269,270,171H और महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

वीडियो वायरल होने के बाद अमेठी डीएम अरुण कुमार भी हरकत में आ गए। डीएम ने पूरे प्रकरण की जांच एसडीएम अमेठी महात्मा सिंह को सौंपी है। अमेठी सीओ अर्पित कपूर ने बताया कि विजय रैली के साथ आपत्तिजनक गाने के मामले की जांच के बाद मुकदमा दर्ज क‍िया गया है। पुलिस टीम गांव में आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।

थाना प्रभारी रामगंज मनोज कुमार ने बताया कि एक वीडियो संज्ञान में आया है। इसमें प्रधान इमरान की पहचान हुई है। उसी की अगुवाई में विजय जुलूस निकाला गया है। दावा क‍िया जा रहा है क‍ि जुलूस के दौरान बैकग्राउंड में आपत्तिजनक गाना बजाया जा रहा है।

बता दें यूपी के 75 जिलों में कुल 3050 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी और सपा से ज्यादा निर्दलीयों ने जीत दर्ज की। जिला पंचायत सदस्यों के 3047 सीटों में सपा 759, भाजपा 768, बसपा 319, कांग्रेस 125, रालोद 69, आप 64 और निर्दलीयों को 944 सीटें मिली हैं। खास बात यह है कि निर्दलीय जीते हुए प्रत्याशी सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा से टिकट न मिलने से नाराज होकर चुनाव लड़े थे। ऐसा ही समाजवादी पार्टी के भी कई सदस्यों को पार्टी का समर्थन नहीं मिला था। वह भी नाराज होकर मैदान में उतरे और चुनाव जीतकर पहुंचे हैं।