Yashwant Sinha Nomination : यशवंत स‍िन्‍हा ने बेटे जयंत को पढ़ाया राजधर्म का पाठ, TRS से म‍िला समर्थन

यूपीए की पास तो बहुत कम नंबर हैं लेकिन विपक्षी नेताओं की एकजुटता का दावा करते हुए हम यशवंत सिन्हा को हल्के में नहीं ले सकते हैं।

Presidential Election| Yashwant Sinha| President Nomination यशवंत सिन्हा ने दाखिल किया नामांकनः Photo Credit – Sansad TV Video Grab

Presidential Election: राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए विपक्ष के नेता यशवंत सिन्हा ने अपनी उम्मीदवारी का नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन के दौरान विपक्ष के कई बड़े नेता भी मौजूद रहे। इस राष्ट्रपति चुनाव के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब पिता-पुत्र के रिश्तों ने लोगों को भावुक कर दिया। दरअसल यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा इस चुनाव को लेकर पहले भी बयान दे चुके हैं कि वो मुझे इस समय अपना बेटा ना समझें और यशवंत सिन्हा भी इस बोल चुके हैं कि दोनों अपना-अपना धर्म निभाएंगे। अपने बेटे बीजेपी सांसद जयंत सिन्हा का समर्थन नहीं मिलने को लेकर सिन्हा ने कहा वो किसी ‘धर्म संकट’ में नहीं हैं. उन्होंने कहा, “मेरा बेटा अपने ‘राज धर्म’ का पालन करेगा और मैं अपने ‘राष्ट्र धर्म’ का पालन करूंगा.”

यशवंत सिन्हा के राष्ट्रपति उम्मीदवार के नामांकन के इस दौरान विपक्ष ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया और नामांकन दाखिल किए जाने के समय शरद पवार, राहुल गांधी, अखिलेश यादव से लेकर राम गोपाल यादव पूरी इसके अलावा, मल्लिकार्जुन खड़गे, आरएलडी के जयंत चौधरी सहित एन के प्रेमचंद्रन (RSP), फारूक अब्दुल्ला (NC), डी राजा (BKP), ए राजा (DMK), केटी राव (TRS) और नामा नागेश्वर राव (TRS) भी मौजूद रहे। इस मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, ‘हम सभी विपक्ष की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के साथ हैं। लेकिन यहां दो विचारधाराओं की लड़ाई है एक तरफ नफरत और दूसरी तरफ भाई चारा और देश की भावनाएं हैं।’

नामांकन से पहले महात्मा गांधी की मूर्ति पर चढ़ाए फूल
विपक्ष के राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर के अंदर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। वहीं टीएमसी के सांसद सौगत रॉय ने कहा, ‘यह लड़ाई दो व्यक्तियों के बीच नहीं बल्कि विचारधारा की लड़ाई है। एक और सांप्रदायिकता है तो दूसरी ओर धर्मनिरपेक्षता। मुझे लगता है कि यशवंत सिन्हा सबसे अच्छे उम्मीदवार हैं। कांग्रेस, द्रमुक, आरजेडी, एनसीपी और अन्य उनका समर्थन कर रहे हैं। यह देश के सर्वोत्तम मूल्यों का इंद्रधनुषी रंग का गठबंधन है।

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टीआरएस ने दिया यशवंत को समर्थन
तेलंगाना की तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) ने देश में हो रहे राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। यशवंत सिन्हा ने आज अपना राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी का नामांकन दाखिल कर दिया इस दौरान विपक्ष के दिग्गज नेताओं के साथ टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष और मंत्री के टी रामाराव भी मौजूद रहे।

अभी एनडीए के पास 49 फीसदी वोट, एकजुट विपक्ष बन सकता है खतरा
राष्ट्रपति चुनाव में अगर विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के लिए आंकड़ों की बात की जाए तो वो उनके प्रतिद्वंदी द्रौपदी मुर्मू की तुलना में थोड़ा कम नजर आता है। यूपीए की पास तो बहुत कम नंबर हैं लेकिन विपक्षी नेताओं की एकजुटता का दावा करते हुए हम यशवंत सिन्हा को हल्के में नहीं ले सकते हैं। हम इस चुनाव में शुरुआत से ही एनडीए का पक्ष ज्यादा ताकतवर दिखाई दे रहा है एनडीए के पास कुल मिलाकर 5.26 लाख वोट हैं जो कुल मिलाकर लगभग 49 फीसदी वोट हैं। बीजेडी और बीएसपी एनडीए का समर्थन करने का ऐलान कर चुके हैं। वहीं टीआरएस ने यशवंत सिन्हा को समर्थन देने का ऐलान किया है। अगर विपक्षी गोलबंद हो गए तो एनडीए के लिए ये मुकाबला भारी पड़ जाएगा।

राष्ट्रपति चुनाव में वोट वैल्यू

लोकसभा सांसद – 378000

राज्यसभा सांसद – 160300

विधायक – 540615

कुल वोट – 1078915

जीत का – 539458

क्या कहते हैं आंकड़ें
अब अगर हम राष्ट्रपति चुनाव को लेकर वोट वैल्यू की बात करें तो पक्ष और विपक्ष के पास कितने वोट? पक्ष-विपक्ष में से जो कोई भी 539458 के जादुयी आंकड़े को छूने में कामयाब रहेगा वो राष्ट्रपति के पद पर आसीन होगा। अपने सहयोगी एलायंस के साथ एनडीए के पास मौजूदा समय सांसदों और विधायकों के वोटों की वैल्यू मिलाकर देखें तो उनके पास फिलहाल अभी सबसे ज्यादा ज्यादा 5 लाख 26 हजार 966 वोट हैं। लेकिन जादुई आंकड़े से वो भी थोड़ा दूर हैं। ऐसे में अगर विपक्ष की बात की जाए तो यूपीए के पास मौजूद वोटों की संख्या जादुई आंकड़ें से काफी दूर दिखाई देती है। ऐसे में अगर विपक्ष एकजुट हुआ तो परिणाम शायद चौंकाने वाले हो सकते हैं।